LIC आईपीओ से निवेशकों का पैसा होगा दुगना !

एलआईसी अनिल लैटिन इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में सरकार हिस्सेदारी बेची जा रही है। हिस्सेदारी बेचने के बाद एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। एलआईसी मार्केट कैपिटल के मामले में रिलायंस को भी पीछे छोड़ सकती है।

अपने बजट भाषण में सुंदरम ने एलआईसी का आईपीओ लाने की बात कही थी। तभी से इसके आईपीओ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और अब एलआईसी के आईपीओ के प्राइस रेंज के बारे में एक अहम जानकारी सामने आई है। एक अनुमान के मुताबिक एलआईसी के इश्यू के लिए एक शेयर की कीमत 400 से 600 रुपये के बीच रखी जा सकती है।

LIC आईपीओ

ऐसे में एलआईसी का पेड अप कैपिटल 25 हजार करोड़ रुपये और वैल्यूएशन 10 से 15 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। इसी आधार पर ये अनुमान लगाए गए हैं। सरकार ने एलआईसी के कैपिटल बेस को सौ करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।

इसकी वजह ये है कि अगर सौ करोड़ रुपये जैसा कम कैपिटल गेंस रहा तो इसके एक्शन की कीमत करीब एक लाख रुपए के आसपास हो जाएगी। एलआईसी सॉवरेन यानी सरकारी गारंटी है इसलिए उसे ज्यादा कैपिटल भी रखने की जरूरत नहीं है। इस साल अक्टूबर तक एलआईसी शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। हालांकि सरकार की इस पहल से निवेशकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी जिसने भी एलआईसी की पॉलिसी ले रखी है उन्हें किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। यही नहीं एलआईसी के आईपीओ में निवेश करना भी एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प होगा।

योजना के मुताबिक एलआईसी एक्ट नाइटी फिफ्टी सिक्स में संसोधन कर 28 अक्टूबर को बढाकर 25 हजार करोड़ रुपए किया जाएगा और इसे 10 रुपए के 20 पैसा 500 क्रशरों में बढ़ जाएगा। यानी अगर किसी को पेड कैपिटल मान लिया जाए तो 10 रुपए की फेस वैल्यू वाले 25 करोड़ शेयर तैयार हो सकते हैं। शेयर बाजार में लिस्टेड होने के बाद एलआईसी मार्केट कैप के साथ देश की सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। एलआईसी का मार्केट कैपिटल 8 से 10 लाख करोड़ पहुंचता है।

LIC IPO

एलआईसी की संपत्ति का 10 फीसदी सिलारी के बराबर के आईक्यू को भी बाजार के लिए संभालना मुश्किल होगा। सरकार इसका विनिवेश कई चरणों में कर सकती है। ये दशक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। सऊदी अरामको को दिसंबर 2019 में सऊदी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट कराया गया था। इसे दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ माना जाता है। ऐसे ही एलआईसी का आईपीओ भी हो सकता है। भारतीय शेयर बाजार में एलआईसी सालाना औसतन 55 से 65 हजार करोड़ रुपए निवेश करती है। करवाई साल 2020 में एलआईसी ने 60 हजार करोड़ रुपये शेयर बाजार में निवेश किया था। इस निवेश पर 18 हजार करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था।

कारोबारी साल 2000 19 में आईटी ने बाजार में 68 हजार करोड़ रुपए निवेश किया था। इस निवेश से 23 हजार 600 21 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था। यही एलआईसी इस पूरे क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है। देश में सबसे ज्यादा इंश्योरेंस पॉलिसीज एलआईसी ही बेचती है। सरकारी होने की वजह से लोग इस पर आगमन कर ट्रेस करते हैं। तमाम बाजार के जानकार मानते हैं कि अगर एलआईसी का आईपीओ आता है तो ये मार्केट कैप के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी कंपनी बचती है। मौजूदा समय में मार्केट कैप के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ी कंपनी है।

एलआईसी के विनिवेश के पीछे सरकार का मकसद वित्तीय घाटे को कम करना है। अभी सरकार के लिए वित्तीय घाटा जी का जंजाल बना हुआ है। सरकार की खुशी ज्यादा है जबकि कमाई कम है। ऐसे में सरकार सभी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर पूंजी जुटाने जाती है लेकिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एलआईसी का इश्यू आना अच्छी खबर है। निवेशकों को इस आईपीओ से मोटा पैसा बनाने का मौका मिलेगा।

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